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Nitish Kumar in Bihar: Dinesh Chandra Yadav. बिहार में तो नितीश कुमार : दिनेश चंद्र यादव।..

बिहार विधान सभा चुनाव सामने है, जहाँ माना जा रहा है कि यहाँ का चुनावी मुकाबला मुख्यतः दो धरों के बीच होगा। लेकिन पुरे बिहार में भले ही एनडीए और महांगठबन्धन के बीच टक्कर हो परन्तु कोसी क्षेत्र में पप्प..

बिहार विधान सभा चुनाव सामने है, जहाँ माना जा रहा है कि यहाँ का चुनावी मुकाबला मुख्यतः दो धरों के बीच होगा। लेकिन पुरे बिहार में भले ही एनडीए और महांगठबन्धन के बीच टक्कर हो परन्तु कोसी क्षेत्र में पप्पू यादव की पार्टी के कारण यहाँ मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है, हालाँकि इसका फायदा एनडीए को ही मिलेगा क्योंकि कुछ लोग इसे वोट कटुआ पार्टी भी मानते हैं.

सर्वविदित है की बिहार चुनाव में जातिगत समीकरण का रोल ही उम्मीदवारों के जीत हार का फैसला करती है। कोसी क्षेत्र यादव बहुल माना जाता है, पुराने ज़माने में यहाँ के लिए एक कहावत बहुत फेमस थी की रोम है पोप का और सहरसा - मधेपुरा है गोप का।

पिछले 2015 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस क्षेत्र से अधिकतर उम्मीदवार जदयू के जीते थे लेकिन उसवक्त आरजेडी के साथ जेडीयू मिल कर चुनाव लड़ी थी। परन्तु इसबार स्थिति कुछ और है जदयू बजेपी नित गठबंधन एनडीए के साथ है, जबकि आरजेडी महांगठबन्धन का नेतृत्व कर रही हैं।
उधर पप्पू यादव की जन अधिकार पार्टी भी यादव वोट को अपने खेमे में करने में लगी है जिसका नुकसान आरजेडी को ही होगा।

बिहार के इस हॉट संसदीय क्षेत्र जहाँ एनडीए कमजोर मानी जाती थी वहां से 2019 लोकसभा चुनाव में दो दिग्गज नेता को हारने वाले जदयू के वरिष्ठ नेता और मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव से हमने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जानना चाहा की एनडीए नीत नीतीश सरकार किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी तो उन्होंने बड़े कॉन्फिडेंस के साथ कहा की एनडीए नीतीश जी के नेतृत्व में विकास, सुशासन, स्वरोजगार के मुद्दे पर चुनावी मैदान में उतरेगी और जिस प्रकार एनडीए ने लोक सभा चुनाव में जीत हासिल की थी उसी प्रकार हम नीतीश जी के नेतृत्व में अकल्पनीय और ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगें।

दिनेश चंद्र यादव ने 2005 के पहले की बिहार की लालू-राबड़ी राज की तुलना आज के नितीश सरकार से करते हुए कहा की आरजेडी राज में लोग 6 बजे के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे, स्कूल कॉलेजों के हालत खस्ता थे , सड़क में गड्ढा था या गड्ढे में सड़क पता ही नहीं चलता था, आज आप सहरसा से पटना ही नहीं दिल्ली भी बाय रोड बस से जा सकते है। आरजेडी जिस कांग्रेस के साथ गठबंधन में है उसके सबसे बड़े नेता कहा करते थे की दिल्ली से 100 रुपया भेजते हैं तो गांव तक 10 रुपया भी नहीं पहुँचता है। आज अगर 100 रुपया किसी के खाते में भेजते हैं तो पुरे 100 रुपया उसके खाते में पहुँचता है।

दिनेश चंद्र यादव ने आगे कहा की बाढ़ की बात करें तो यह मानवीय नहीं बल्कि प्राकृतिक समस्या है इसी कारण हर साल बाढ़ से हम सबको 2 - 3 महीना परेशानी होती है। यह भी नितीश जी और मोदी जी के नजर में है इसका समाधान भी किया जायेगा इसमें समय लग सकता है। इसके निस्तारण के लिए प्लान बनाया जा रहा है फिर कभी हम आपके साथ पुरे बाढ़ पर स्पेशल प्लानिंग शेयर करेंगे।

दिनेश चंद्र यादव ने कोरोना पर बात करते हुए कहा की कोरोना के कारण पूरी दुनिया में क्या हुआ किसी से छुपा नहीं है लेकिन जिस प्रकार से नितीश जी के नेतृत्व में व्यवस्था की गयी है आज आप देखिये बिहार का कोरोना रिकवरी रेट देश में जिन राज्यों का सबसे अधिक है उसमें बिहार भी शामिल है।

विपक्ष का काम है विरोध करना तो वो काम वे लोग करें लेकिन बिहार और खास कर कोसी की जनता के बारे में मैं ये पुरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ की यहाँ के लोग एक बार फिर से नितीश जी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए एनडीए को ही वोट देगी ताकि बिहार का विकास अनवरत जारी रहे।

आपको बतादें की जदयू के दिनेश चंद्र यादव ने पिछले लोकसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी शरद यादव को हरा कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। जबकि पूर्व सांसद पप्पू यादव मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे थे।

दिनेश चंद्र यादव चार बार जीतने वाले सांसदों में से एक है। यद्यपि मधेपुरा से इनकी यह पहली जीत है। दिनेश चंद्र यादव 2005 में सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र से जीते थे। जिसके बाद उन्हें राज्य में उद्योग मंत्री बनाया गया था बाद में वे लोकसभा में आ गए और शुरू से अब तक ये राजनीति को समाज सेवा समझ कर करते आ रहे हैं।

बहरहाल चुनाव सर पर है और अपने संसदीय क्षेत्र से ज्यादा से ज्यादा विधायक जीते ये सभी सांसद चाहते है यही कोशिश दिनेश चंद्र यादव की भी है, लेकिन होता क्या है इसका पता तो नवम्बर के आखरी सप्ताह में ही चलेगा। तो चलिए अगले अंक में हम फिर मिलेंगे तबतक के लिए हमें धन्यवाद।

 

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