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नेपानगर अवैध उत्खनन एवं परिवहन

नेपानगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में  अवैध उत्खनन एवं परिवहन का बदस्तूर जारी है। इसे रोक पाने में नेपानगर का राजस्व एवं खनिज विभाग नाकाम साबित हो रहा है।..

नेपानगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में  अवैध उत्खनन एवं परिवहन का बदस्तूर जारी है। इसे रोक पाने में नेपानगर का राजस्व एवं खनिज विभाग नाकाम साबित हो रहा है। अवैध खननकर्ताओ द्वारा रोड निर्माण कार्य के नाम पर दिन रात पहाड़ी खोदकर कर मुरम अवैध खनन किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला नेपानगर के ग्राम सातपायरी में देखने को मिला जहा रोड से लगी मुरम की पहाड़ी को खनन माफियाओं ने निशाना बना रखा है। यहाँ अवैध खनन माफियाओ द्वारा अपने स्वार्थ के लिए पोखलेण्ड मशीन लगाकर मुरम का अवैध खनन किया जा रहा है। खननकर्ता पहाड़ी पर लगे हरे भरे सागौन के बड़े-बड़े पेड़ों को जड़ सहित पोखलेण्ड मशीन से गिराकर धराशाई कर रहे है। साथ ही निकले हुए पेड़ो के ठुठ को मुरम के नीचे दबा दिया जा रहा है, ताकि मामला किसी को पता नही चले और मामला रफ्ता दफा हो जाए। खनन माफिया अब तक अनगिनत सागौन के पेड़

जड़ सहित गिरा चुके है। इस पहाड़ी से पहले भी मुरम के अवैध खनन की शिकायत मिलने पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया में खबरों का प्रकाशन कर चुके हैं। लेकिन आज तक राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नही कर की है, अधिकारी इस ओर कार्रवाई करने आते भी है लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर वापस लौट जाते हैं। कटे हुए सागौन के पेड़ों पर कार्रवाई करने पर राजस्व और वन विभाग हमेशा बचते हुए एक दूसरे के पाले में गेंद डाल देता है।

 

नेपानगर से सटे ग्राम सातपायरी में भी सड़क निर्माण के नाम पर आरएसके कंपनी द्वारा मुरम का अवैध खनन किया जा रहा है।हो रहे इस अवैध उत्खनन के संबंध में जब नेपानगर एसडीएम दीपक चौहान से चर्चा की गई, तो वह भी अन्य अधिकारियों की तरह एक ही जवाब देते नजर कि मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया, मै कार्रवाई करवाता हु। अब देखना है कि नेपानगर में आए नए एसडीएम महोदय द्वारा क्या कार्रवाई की जाती है, या फिर पूर्व की तरह खानापूर्ति कर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।

 

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